गुरु-शिष्य संवाद
-प्रकाश कहां से आता है?
-सूरज से।
-रात में?
-चंद्रमा से।
-अमावस की रात?
-तारों से।
-अगर बहुत गहरे बादल हों?
-ध्वनि से। तुम पुकारते हो, कोई है? आवाज़ आती है, इधर आओ। यह प्रकाश है।
-अगर कोई आवाज़ देने वाला न हो?
-अपने भीतर से। तुम ख़ुद रास्ता चुनते हो।
शुभ दीपावली!