# उड़ने जा रहा हुँ,
फ़िक्र क्यूँ करूँ मैं कल की इस पल का मैं लुफ़्त उठा रहाँ हुँ,
ज़िंदा लोग इस दुनिया में है बहुत मैं तो पल पल जियें जा रहाँ हुँ,
मृगतृष्णा की ये रस्सियाँ तुम्हें बहुत बहुत मुबारक,
मैंने बना लिया है अपना नया आसमान मैं उड़ने जा रहाँ हुँ,
⁃ ऋषिकेश त्रिवेदी,
⁃ IG _rishikesh11,