#हार्ड_डोज
लोकतंत्र सिर्फ अर्नब गोस्वामी जैसों के लिए है । जस्टिस चंद्रचूड़ की बाते सुनकर मेरे अंदर प्रचंड प्रमाण पर देशभक्ति जाग गई । लगा महाराष्ट्र सरकार ने तो अर्नब को जेल में रखकर लोकतंत्र की हत्या करदी । फिर वह कश्मीर का मंज़र याद आ गया - वहाँ के लोगों की तो छोडिए, कश्मीर के पत्रकारिता पर क्या असर हुआ है और कितने पत्रकारों को अबतक जेल में बेबुनियाद आरोंपो में सडा रखा है । कफिल खान जैसों को जेल में बेबुनियाद आरोंप में रखना शायद लोकतंत्र को मजबूत करता है । आब बस भगवान् से प्रार्थना करते है के अर्नब गोस्वामी जैसा पैसा, केंद्र की ताक़त, अच्छे वक़ील सब को मिले ....
किसी को आत्महत्या के लिए उकसाने वाले आरोपी के साथ देश का एक बड़ा वर्ग, पार्टी साथ खड़े रहे । यह सब इतिहास में याद रखा जाएगा । कुछ दिन पहले यही लोग सुशांत की गर्लफ्रेंड को, सुशांत को आत्महत्या के लिए उकसाने को लेकर न्याय की मांग कर रहे थे । डायन और ऐसे अनेक शब्दों का खुलेआम प्रयोग कर रहे थे । लेकिन आज यह न्याय से डरते है ।