खास दोस्त,
तू बहुत याद आता है।
चल आज तुझे कुछ बातें कहती हूं
जो कई महीनों से कह नहीं पाई।
तू याद बहुत आता है, पर ना जाने क्यों दिल फोन करने से घबराता है।
जब WhatsApp teri blank DP और chat की आखरी तारीख बताता है तब हमारी घंटों की हुई बातें याद आती है।
जब दो दोस्त को गले मिलते देखती हूं। किसी लड़के को एक लड़की के आंसू पूछते देखती हूं तब तेरी सारी कोशिश याद आया करती है, जो मेरे मुस्कुराहट के लिए हुआ करती थी।
तू बहुत याद आता है जब मैं फैसले नहीं ले पाती जब मैं जिंदगी का रास्ता भटक जाती हूं।
तू बहुत याद आता है,जब मैं बहुत अकेली हूं चाहती हूं। या फिर मैं यह कहूं जब मेरे गुस्से के पीछे की वजह भी कोई जान नहीं पाता
तू बहुत याद आता है।