🌷जरा सी देर क्या हुई🌷
जरा सी देर क्या हुई मेरे घर से निकलने में
तुमने दोस्ती केे हाथ किसी और से मिला लिये
जरा सी देर क्या हुई तुम्हारी ख़ामोशी समझने में
तुमने सुकून की तलाश में हमसफर ही बदल लिये
जरा सी देर क्या हुई इस साल पानी बरसने में
तुमने मौत को किस्सा बना कर घर में दर्द बुन लिये
जरा सी देर क्या हुई अाज दफ़्तर से आने में
तुमने घड़ी की सुईयो जैसे मन के विचार बदल लिये
जरा सी देर क्या हुई घर को आशियाना बनाने में
तुमने सरे बाजार मुझे नकारा और बेकार समझ लिये
#yogita jain ✍🏻