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क्लास पूरी हुई,साहब भी अपना लेक्चर खत्म करके बहार निकले।बेल बजते ही सारे छात्र भी निकलने लगे।
सोम्या भी खडी होकर निकलने ही वाली थी की,तुरंत वापस बेठ गई।अचानक से टेंशन में आ गई।कुछ समझ नही आ रहा था कि क्या करे,किसे मदद मांगे?
जल्द निकलना चाहती थी,सबकी नजर से बचकर ,फिर भी एक लडक का ध्यान पड गया उस पर,वो भागने लगी और वो लड़का उसे कवर करते हुए उसके पीछे भाग रहा था।
वो और तेज़ भागने लगी।उन दोनों के बीच बस एक इंच की ही दूरी थी।सोम्या रोड क्रॉस कर रही थी ,सामने से गाड़ी आ रही थी ।सोम्या को रुकना पड़ा।उसी समय का फायदा उठा कर अपनी जैकेट उतार कर सोम्या की कमर पे बांध दी।
सोम्या पीछे मुडकर चक्कीत हो गई!!वो रास्ते की इस पार आकर उस लडक का आभार व्यक्त कर ने लगी,प्लीज़ यार don't thanks me। ऐ कोई भी लड़की के साथ हो सकता है, आज तेरी स्कर्ट " पीरियड्स " की कारण से ख़राब हुई है।कल तेरी जगह पर मेरी बहन भी हो सकती है।
इतना बोलकर वो लड़का वहा से चला गया।
हम जैसा सोचते है वैसे हर लडके नही होते। कोई बहोत अच्छा भी होता है। पर हम बुरे लड़को के चक्कर में अच्छे को भी बुरा मान बैठ ते है। हमे पहचानना होगा कोन अच्छा है और कोन बुरा।
हम ऐसे लड़के की माँ का आभार व्यक्त करना चाहते है,और जो लड़की की मदद बिना कोई कारण या अपना फायदा देखे बिना करते है।अपने बेटे को ऐसे संस्कार देने वाली माँ की हम रेस्पेक्ट करते है।
हम लड़कियो को भी अपनी सोच अपना नजरिया बदलना चाहिए। हमारे पीछे भाग रहा लडका हमारी छेड़ती करने के लिए आया हो ये जरुरी नहीं। क्योंकि हमारी तरफ उठी हर नजर गन्दी ही हो ये भी जरुरी नहीं और हर नजर अच्छी हो
ये भी में नहीं कहती।हमे ही ऐ देखना पडेगा की हमारी तरफ उठी नजर कैसी है?
मेरा एक प्रयास है इस कहानी से सबको अपने हिस्से की रिस्पेक्ट मिले । हमारी सोच बदले।...✍️
Krupali Kapadiya
जय हिंद।।।