ये जो तुम्हारी बातों में नशा है,
जो बस सुनते रहने को मन करता है..
जाने क्या वो जादू है,
जो मुझे निःशब्द कर देता है..
सब बोल देने का हुनर है जो,
बस इतना सीखा देना..
इस बार जो मिले हम,
अपने जैसा बना देना..
ताक़ि फासले कितने हो दरमियाँ,
फिर दूर हो ना पाए,
जितने जनम हो ज़िन्दगी..
हमेशा को एक हो जाए..
चलो एक बार फिर से अजनबी बन जाए,
फिर से किसी मोड़ पर मिले,
फिर से दिल हार जाए..
-Sarita Sharma