हे अम्ब! 🙏
भावो से कर दो पार हे माँ 🙏
जीवन का दे दो सार 🙏
अधिकारी नही मै चरणों की 🙏
माँ क्षमा करो हर भूल मेरी 🙏
मै लिख पाऊँ तेरी , किरपा , 🙏
मुझमे ऐसा सामर्थ्य कहाँ ?🙏
जैसे तुतलाता है बालक 🙏
ऐसे ही नाम लिया अब तक 🙏
मै चलती ,चल -चल कर गिरती 🙏
चलने की पाई गति नही 🙏
माँ कैसे पहुँचुँ पास तेरे 🙏
मिलने की अमिट ये प्यास जगे 🙏
#नवरात्रि