हमारा समाज भी कितना दोमुहां हैं
एक तरफ लड़की की आजादी की बात करता है
और दूसरी तरफ मर्यादाओं की |
समाज में कितनी भी अच्छाई कर लो
परिवार में सर्वश्रेष्ठ बन जाओ
लेकिन आपकी कोई एक गलती
उन सभी अच्छाईयों और सर्वश्रेष्ठताओ पर
पानी फ़ेर देता है |
आपको आंकने वाले भी कम ना होंगे
पर काम है नीचा दिखाना वो नहीं छोड़ेगे।
समाज हस्ता भी है और कामयाबी पाने पर
अपना बता कर शाबाशी भी देता है |
ढोंग रचने का काम समाज से बेहतर
कोई कर नहीं सकता |
@surbhi