नवरात्रि का त्योहार भक्ति भाव में हर खोए भान,
घर घर आंगन में सजा दिया माताजी का दरबार।
आंखो में अंगारे हाथ में त्रिशूल ले कर आई माँ,
चहेरे पर मुस्कराहट , सिंह पर सवारी कर अाई माँ।
कोमल , नाजुक कलिया खिल उठी फूलो कि,
महक फैल रही हर एक उपहार लाई भक्तो में माँ।
ढोल नगाड़ों से रॉनक लाई नौ दिन तक चौराहे में,
ज़ूम उठी हर एक जन ऐसी रोशनी की तैयारी माँ।
तड़प रहे , दुखी लोग, बिखरा समाज दुनिया में,
तबाही आए उससे पहले इसका संहार करो माँ।
बुद्धिहीन , कुविचार आ रहे है ये नौजवानों में,
उनकी मन पर भवंडर ला कर उसे कुचलो माँ।
अश्रु का मेला लगा वहा कोई ठिकाना नहीं,
दुखी हो कर दर्द दे रही दुनिया के शक़्स में इंसनियात लाओ माँ।
पल पल पाप का आशियाना बढ़ाए जा रहा है,
धरती पर हो रहा बोज उसे कहीं दफनवो माँ।
पुण्य का हिस्सा हो जाए हर एक रूह में,
कुछ इस तरह की मानवता का ज्ञान भरदे माँ।
हर शक्श में इतनी हलचल भर कर एक आश पूरी करदे,
दिल में बैठ रही सारे संसार के यूं अंतरमन में बात भरदे माँ।
नवरात्रि के त्यौहार की हार्दिक शुभकामनाएँ...💐🙏🏻🌹
DEAR ZINDAGI 💞