माता, पिता, भाई, बहन, पति, पत्नी एवं मित्रों से अपने प्रेम, नाराजगी, व्यथा, समस्या, सुख और दुख अवश्य साझा करे परंतु इन पर कभी भी अपना अधिकार या हक न जताए।
क्योंकि, प्रत्येक जीव के विचार, जीवनशैली और चयन उनकी अपनी मालिकी की होती है।
-Kirtipalsinh Gohil