शानदार .कविता ...
# विषय .दृष्टि ,नजर ***
जग में जैसी जिसकी दृष्टि ,वैसी सृष्टि ।
प्यार की नजर ,दिल लुट लेती ।।
स्नेह की नजर ,प्रेम दिल में जगाती ।
धृणा की दृष्टि ,दिल में नफरत भर देती ।।
वात्सल्य की नजर ,दुलार पैदा करती ।
भक्ति की नजर ,भक्ति दिल में जगाती ।।
बुरी नजर ,सब कुछ जला कर राख करती ।।
दुनियाँ में नजर ही ,कमाल का खैल करती ।
किसी को एक नजर , पल में तरसाती ।।
किसी को एक नजर ,दिल में सजा लेती ।
किसी की एक नजर ,सब कुछ लुट लेती ।।
किसी की एक नजर ,दिल से गिरा देती ।
किसी की एक नजर ,दिल को बाग बाग कर देती ।।
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