मेरी हथेली से ये जिन्दगी सरक जाने को कहती है ,
दर्द मेरी मुझसे अब थक जाने को कहती है ।
जिसे दर्जा दिया है भगवान का अपने मंदिर में ,
हमारे इस मंदिर से वो अब कही दूर जाने को कहती है ।
कहानी मोहब्बत की क्या सुनाये किसी को ,
अब ये राते अक्सर रोते रहने को कहती है।
मै अपनी इस हालत से बड़ा परेशान सा हूँ ,
मेरी चाहत उनसे ये समझने की गुजारिश करती है ।
काश बस पुछ लते कभी हाल वो मेरे दिल का ,
इस खुशी से ही हमारी कई राते गुजर जाया करती है।