एक दूसरे से करते हैं प्यार हम
अपने थी बस मंजिल बस सरहद पर जाने की
थी एक ख्वाहिश ऐसी भी अलग आशियाने की
चाहत थी मिलने की कुछ ऐसे अनजाने की
रहते हैं घर की तरह नहीं हमें है कोई ग़म
एक दूसरे से कार्य है प्यार हम।
साथ ही खाना साथ ही सोना करते हैं साथ हर काम कैसी भी आए चुनौती मिल कर देते हैं अंजाम
दूर रहकर भी एक दूसरे का लेते रहते हैं हम नाम एक दूसरे के बनकर हम रहते हैं सदा हमदम
एक दूसरे से करते हैं प्यार हम।
बहुत हूं किस्मत वाला ऐसा मैं जहां जो पाया
शायद अपने घर वालों का सपना में पूरा कर पाया माता पिता के आशीर्वाद से देश सेवा का अवसर पाया जाता हूं जब छोड़कर इनको आंखे हो जाती हैं नम
एक दूसरे से करते हैं प्यार हम।
जय हिंद 🇮🇳🇮🇳
vp army ⚔️🇮🇳