कुछ पल के मेहमान
अब तो वक्त हो चला जाने का
वक्त हो गया घर की यादें भुलाने का
फिर से नई जगह अपनाने का
वक्त हो गया नए रिश्ते बनाने का
दुनिया तो है हमारी कहीं और
ये तो सभी करते हैं गौर
यहां तो कुछ क्षण का है बसेरा
हम तो उड़ जाएंगे होते ही भोर
नहीं शिकायत किसी से रहती
सबसे हम मांग लेते हैं माफी
दिल में अधिक जीने की चाह नहीं
जो जी लिया वही है काफी
तत्परता सदैव हमारे मन में रहती
आ जाए सामने कैसी भी स्थिति
हंसकर कर लेते हैं सब का सामना
जब बाद देश समाज की होती
मिला बहुत सबका प्यार सम्मान
जिससे जितना हुआ दिया सभी ने ध्यान
हम तो बनकर यहां रहते हैं अनजान
क्योंकि हमारा तो कहीं और है स्थान
🌺🤝🙏🌺🤝🙏🌺🤝🙏🌺🤝🙏
याद रह जाती हैं कुछ यादें कुछ को बुलाना
पड़ता है ।
हम तो हैं कुछ पल के पंछी अपना घोंसला बनाना पड़ता है।
जय हिन्द 🇮🇳🇮🇳
vp army ⚔️🇮🇳