क्योंकि वो मजदूर हैं
ऐसे वक्त मे बाहर जाने के लिए मजबूर हैं
एक-एक दाने जुटाने के लिए मजबूर हैं
अपने परिवार को बचाने के लिए मजबूर हैं
क्योंकि वो मजदूर हैं ।
अपने सपने सजाने के लिए मजबूर हैं
अपना आशियाना बनाने के लिए मजबूर हैं
एक-एक दिन बिताने के लिए मजबूर हैं
क्योंकि वो मजदूर हैं ।
इस सरकार से डर जाने के लिए मजबूर हैं
हर नियम कानून अपनाने के लिए मजबूर हैं जिम्मेदारियों को निभाने के लिए मजबूर हैं
क्योंकि वो मजदूर हैं ।
इस जीवन को बनाने के लिए मजबूर हैं
किसी खतरे को झेल जाने के लिए मजबूर हैं
अपनी जान के दुश्मन बन जाने लिए मजबूर हैं
क्योंकि वो मजदूर हैं।
सलाम है उनके जज्बे को ऐसे हालात में भी जिनके नहीं रुके कदम
कंधे पर लेकर जिम्मेदारियों का बोझ कैसा भी वक्त आया चलते रहे हरदम
जय हिंद 🇮🇳🇮🇳
vp army ⚔️🇮🇳