बड़ा अन्मना सा रहता है,
वो मेरा दोस्त कुछ बना सा रहता है।
कहता रहता मुझे जिंदगी से प्यार नहीं,
अब किसी का यहां ऐतबार नहीं।
बड़ी मुश्किल से गुज़रा मै जैसे कोई कतरा हूं
समझ नहीं आता जिंदगी गुजर कैसे होगी।
बड़ा समझ के बोली मै जिंदगी है इसे प्यार करो,
किसी पर ना सही ख़ुद पर ऐतबार करो।
दुनिया में दर्द सभी को किसी ने बताया है,
किसी ने अकेले में आंसू बहाया है।
जो आने वाले नाए मौसम उनका इंतेज़ार करो,
सारे सूखे पत्ते पेड़ से गिर जाएंगे नए पत्ते में रंग भरो।