सुनो न...एक बात कहनी थी तुमसे
तुममें खूबियां बहुत है, तो तुम किसी ऐसे को चुनना ,
जो तुम्हारी और तुम्हारे खूबियों की कद्र करे ,
बिल्कुल तुम्हारी बिंदियां, झुमके और काजल की तरह
और हां तुम्हारी जुल्फों की तारीफ में ज्यादा नही कहूंगा ,
पर हां तुम्हारी जुल्फे ,तुम्हारे चेहरे को
चांदनी का स्वरूप देती हैं जो बेहद खूबसूरत लगती है,कभी कभी तो तुम ना इंसाफी भी करती हो , जब अपनी जुल्फों से अपने चेहरे को ढक लेती हो,क्या तुम्हें पता है कि कोई पूरा दीदार को तरसता है,तो क्यूं उसे आधे चांद दिखाकर तरसती हो....
-Aviilovepoetry