🙏🏼......
*मंजिल यूँं ही नहीं मिलती*
*राही को*
*जुनून सा दिल में जगाना*
*पडता है*
*पुछा चिडिया से कि घोसला*
*कैसे बनता है*
*वह बोली कि तिनका तिनका*
*उठाना पडता है!*...✍🏼
*जिंदगी एक आईना है यहाँं पर*
*हर कुछ छुपाना पडता है*
*दिल में हो लाख गम फिर भी*
*महफिल मे मुस्कुराना पडता है*..✍🏼
-Harsh Pateliya