कौआं अपनी बदसूरती से परेशान होकर और पंछियों से अपनी तुलना करने लगा वो चाहता था कि उसे कबूतर,मोर और या हंस की तरहा होना चाहिए लेकिन सभी सुंदर पक्षियों ने जवाब दिया कि अधिक सुंदर होना किसी श्राप से कम नहीं क्योंकि या तो लोग उन्हें अपना आहार बनालेते हैं या फिर हमेशा के लिऐ पिंजरे में कैद कर रखते हैं।
"इसलिए जादा अच्छा होना भी ठीक नहीं है क्योंकि उनसे लोग मतलब के लिऐ ही प्यार करेंगे और मतलब पूरा होने पर वो उन्हें मरने जितनी हालत में छोड़ देंगे"
-Lalit Raj