#विश्वसनीय
वो अक्सर मुझसे अपने प्यार का वजूद मांगता रहता है,
कैसे बताऊं उसे नादान-ए-दिल के अरमान जहा के लिए अच्छा नहीं लगता है।
कल्पना कर हर मरतबा मेरी रूह को उसकी रूह से जोड़े रखता है,
ये विश्वसनीय ख्वाब-ए-खयाल से इश्क़ को अनमोल बनाए रखता है।
खुद के चहेरे की चमक और आंखो में सर्महट मेरे होने का ताल्लुक दे रहा है,
ये जो मेरी निगाहों ने पढ़ा खुदके नजरियें से हर बार सोच कर मुझे जीना सिखाता है।
मिलन की बाते कई वक़्त से आधी अधूरी पूरी नहीं हो रही ऐसी ख़्वाहिश हर बार जगाता है,
हर बार मिलन कर अपने संबंधों में एक हसीन पल का नया माहौल बनाऊँ ये दस्ता खड़ी करता है।
हर बार अल्फ़ाज़ से बया करके अपने होठो को सुखाया जाता है,
अब यकीन ना हो तो यकीनन उसकी रूह का सागर हर कतरे से प्यास बुझाता रहना चाहता है।
DEAR ZINDAGI ❣️