मै सही थी,
जब तक तेरी नहीं थी।
अब मेरा सब गलत है
क्यूंकि तेरा अवैध कब्जा
मुजपे मरने तलक है।
मै इंसान हूं कोई मशीन नहीं
एक घर पिताका एक घर पतिका
मेरा कोई वजूद मेरी कोई जमीन नहीं।
में मुकाम हूं सिर्फ एक रास्ता नहीं
कभी बेटी कभी पत्नी कभी मां
में औरत भी हूं केवल एक रिश्ता नहीं।
- "लिहाज"