लंबी कतारें, मंदिरों से मस्जीदो तक
सभी है मांगने की फिराक लिए हुऐ
बंटवारे के खिलाफ हे सभी यहां
पर रास्तो में भी दुआऐ बुनते हैं यहां
कल का पता नहीं खुद को फिर भी
आसमान से सांस का हिस्सा मांगते हैं यहां
परेसान है तुझे बनाकर तेरा कुम्हार आज भी
खाली है फिर भी कितना तु खनकता है यहां
#કતાર