ऐ-हुस्न-की-राजकुमारी जिंदगी में दो मिनट कोई मेरे पास ना बेठा,आज सब मेरे पास बैठे जा रहा है...
ऐ-हुस्न-की-राजकुमारी कोई तोहफा ना मिला आज तक,और आज फूल दिए जा रहे हैं...
ऐ-हुस्न-की-राजकुमारी तरस गए थे हम किसी एक हाथ के लिए,और आज कन्धे दिए जा रहे थें...
ऐ-हुस्न-की-राजकुमारी दो कदम साथ चलने तैयार ना था कोई, और आज काफिला बन साथ चले जा रहे थें...
ऐ-हुस्न-की-राजकुमारी आज पता नहीं चला की मोत कितनी हसीन थी,कमबख़्त हम तो यूँ ही जिंदगी जियें जा रहे थें ...
ऐ-हुस्न-की-राजकुमारी 🌹💞