अपने निकटतम मित्र या रिश्तेदार का मिसाल दे कर गर्व महसूस करने से बेहतर है खुद मिसाल बनिए . मिसाल कायम करने के लिए दूसरे के सहारे का इंतजार न कर अपना रास्ता खुद बनाना होता है . पहला कदम आगे बढ़ाइए , जैसे जैसे आगे बढ़ेंगे मंज़िल आपके नजदीक होगी और लोग खुद ब खुद आपके पीछे आएंगे .