हरि बोल जय श्री कृष्णा राम राम सा
*खुशियों के लिए क्यों*
*किसी का इंतज़ार,*
*हम ही तो हैं अपने*
*जीवन के शिल्पकार !*
*चलो आज मुश्किलों को हराते हैं*
*और दिन भर मुस्कुराते हैं*
*जीवन सुखी और*
*समय अनुकूल हो।*
*जय सियाराम जी *
🌹🌹 *||शुभ प्रभात||* 🌹 🌹
☘ *आपका दिन शुभ हो...* ☘