मंगल, #अमंगल का क्या विचार करे जो करम प्रधान होए,
पाप, पुण्य खुद ही संयमित रहे जो सिर पर मातृ ममता कर होए,
तीरथ को जरूरत नही जो पितृ चरण की रज माथे पर होए,
श्रवण कुमार के पुण्य बहुता मातृ पितृ भक्ति से अमर वो होए,
रावण बड़ा ज्ञान एक लाख पूत सवा लाख नाती जिसके होए,
मातृ पितृ अवज्ञा कर हर वर्ष विजय दशमी को फूट फूट के रोये
#अमंगल