आज भाई भतीजावाद और वंशवाद सर्वव्याप्त है
जिसे बदनसीबी से कोई नामवर माँ बाप न प्राप्त है
पर नसीब से उसे सिर्फ ज़हानत मिली है
किस्मत में उसके ख़ास बढ़त न लिखी है
क्या यह अपने देश का दुर्भाग्य नहीं है
कि नेता अभिनेता वंशवाद के आशीर्वाद से
प्रतिभाहीन हो कर गद्दी पर बैठा है गर्व से
और ज़हीन उनके आगे हाथ जोड़े खड़ा है
ऐश ओ आराम से वह फल फूल रहा है
और प्रतिभावान देश छोड़ कर भाग रहा है
जब तक उन्हें प्रोत्साहन न मिलेगा
तब तक देश का पूर्ण उत्थान न होगा