जय श्री कृष्ण 🙏मातृभारती व सभी प्रिय पाठको को सुबह का स्नेह भरा प्रणाम 🙏 जय हिंद,🙏जय हिंदी 🙏जय भारत |
बचपन की कुछ पंक्तियाँ जो मुझे याद है.....
ब्रम्हा से कुछ लिखा भाग्य मे,
मनुज नही लाया है|
अपना सुख उसने अपने,
भुजबल से ही पाया है|
प्रकृति नही हारती,
कभी भाग्य के बल से |
सदा हारती वह मनुष्य के,
उद्यम और श्रमजल से |
#कर्मा