कर तू कुछ काम
सुक रही है पवित्र यमुनाजी,
गंदी हो रही है पावन गंगाजी
और लुप्त हो गई है सरस्वतीजी
ओ इंसान अब तो सम्भल जा
अब तो तेरी गहरी नींद से जाग जा
इन्हे बचाने के काम में लग जा
प्रकृती के साथ यूह खिलवाड़ न कर तू ;
उसे बचाने की, जिगर ओ जान से कोशिस कर तू
पेड पौधे लगा तू, पशु पंखी ओ को बचा तू
Armin Dutia Motashaw