राधा के संग कृष्ण सुशोभित , सीता के संग राम
पार्वती संग शंकर रमते , सृष्टि चले अविराम
बिना शक्ति संग सुर हैं अधूरे , सृष्टि चलन में बाधा
हम सब इसको नहीं समझते , साधें लक्ष्य हो आधा
है आदमी अधूरा तब तक , साथ नहीं हो नारी
मिलकर दोनों चलें हैं जब भी , कभी न बाज़ी हारी
#आधा