बच्चे कितने होते प्यारे
तन के कोमल मन के चंचलता के है खजाने
कौन है अपना कौन पराया सबको एक सा जानें,
फूलों सा चेहरा भौंवरो सा होते हैं सयाने,
बच्चों के मुस्कान के आगे धुंधले है आसमां के तारे,
बच्चे कितने होते प्यारे |
घर के हर व्यक्ति को बच्चो से रहता दिल से प्यार,
बच्चों को माँ के आने का हरदम रहता है इन्तजार,
कितने हो रूठे पर मानें थोड़ा सा कर दो गर दुलार,
खिंच जाता है ध्यान अगर बच्चे करे थोड़ा सा इशारे,
बच्चे कितने होते प्यारे |
बच्चों के तन मन की कितनी सुंदर है बनावट
ईश्वर ने छोटे अंगों से की है कितनी प्यारी सजावट
सुनकर इनकी किलकारी मन में उठती खुशियों की आहट
होते हैं भगवान के रूप में समाहित देवी देवता सारे
बच्चे कितने होते प्यारे |
अद्भुत इनकी हंसी ठिठोली देखते ही खिल जाये मन
इनके कोमल बदन को छूकर हम होते कितने प्रसन्न
हर बातों पर करते नखरे लेकिन कितना भोलापन
इनके लिए धर्म जाति की नहीं है कोई दिवारे
बच्चे कितने होते प्यारे |
VP army ⚔️ 🇮🇳