खाली हो गया हूं मैं
एकदम खोखला
तुम्हारे ज़हर जैसे लफ्ज़ भर बैठे है दीमक की तरह,
धीरे धीरे बुरादा बन के धूमिल हो रहा हूं मैं,
शोर सुन के कांपता हूं,
जैसे आवाज़ गूंज रही हो एक बांस की बल्ली में, .
अब तेरे आने से
तेरे जाने से
तेरे गले लगाने से
तेरे आंसू बहाने से
कुछ भी नहीं होता
एक ठूंठ सा शांत खड़ा रहता हूं ताकता रहता हूं तुझे
#बेहोश मैं, इंतजार में
कि कब शोर आएगा
और फिर लंबी ख़ामोशी
सारे मेरे जज्बात और सपने मुरझा चुके है
तेरे लबों की छुअन अब इन्हें जीवित नहीं कर पाएगी खाली हो गया हूं मैं
एकदम खोखला।।