हल्ला यही है कौआ अब कान ले गया,
मुर्दा था ओ जिन्दा को श्मशान ले गया।
है चोर बहुतै शातिर कैसे बताइ हम,
मंन्दिर सहित ओ पूरा भगवान ले गया।।
पन्ना तुम्हारी बातों बदे वक़्त है कहाँ ,
वह व्यस्त है विवाद बड़ा मस्त है जहाँ।
रंगों की है लड़ाई ओ मज़हब बचा रहा,
ऐसे में एक कोरोना ही संज्ञान ले गया ।।
साधू बना है मुफ़्त ओ रोटी चबायेगा,
दानी का धन ओ सारा का सारा दबाएगा।
बस झूठ मूठ ओ ज्ञान की बातें बघारता,
गांजा चिलम धुँआ के संग ज्ञान ले गया।।
कैसे कोई बदमाश यहाँ बयान अब करे,
दोषी है असली कौन ओ क्या बखान अब करे।
अपराध की जड़ें बताओ ओ कैसे खोल दे,
एनकाउंटर का खेल ओ सब बयान ले गया।।
-WriterPanna