क्या कहे इनके बारे इन्सान का आरंभ पर अंत इसी में निहित है।।।।।।
जैसे सबने अपने बाल्यकाल में मिट्टी तो जरूर खाई होगी।
और इन्हीं से तो हम अनाज पाते है जो हमारे लिए बहुत जरूरी है। सो सारा जीवन हम इन पर ही निर्भर रहते है।
और बारिश में मिट्टी की जो सौंधी सौंधी खुशबू आती है वो ना किसी इत्र से कम नहीं,दिल खुश हो जाता है।
और आखिर में इसी मिट्टी में समा जाते है।।।।।।
#मिट्टीकी