इस ब्लैक बोर्ड ने ना जाने कितने लोगो की तस्वीर बदल दी, इस पर लिखते लिखते ना जाने कितने लोगो की तासीर बदल दी, क, ख , ग, घ, च, से १,२,३,४,५,६ मूल्यांकन ने कितने व्यक्ति ओ की दुनिया बदल के रखदी! जीवन में हर कोई व्यक्ति ब्लैक बोर्ड से कुछ ना कुछ सीखता है! हम चाए कितना भी लिखते या मिटाते ये हमेशा साथ देता है! ताजुब की बात है? अब काले (ब्लैक) बोर्ड की जगह डिजिटल बोर्ड ले रहा है! मगर जो मजे से ब्लैक बोर्ड पर सीखते थे अब ओ डिजिटल बोर्ड पर दिखते कार्टून पर नहीं आ रहा है! हम सीखते है ब्लैक (काले) बोर्ड से पर हमें हमेशा काली चीजों से परहेज़ रेहती थी, पर ब्लैक(काले) बोर्ड से हमेशा प्यार रेहता था! काला अक्षर भेस बराबर "स्वयमभु" कहा तो जाता था! फिर भी लिखा तो काले बोर्ड पर ही जाता था!
अश्विन राठौड़
"स्वयमभु"