कल हल्की हल्की बारिश थी,
कल सर्द हवा का रस्ख भी था,,,
कल फूल भी निखरे निखरे थे,
कल उनपर आपका अश्क भी था,,,
कल बदल काले गहरे थे,
कल चांद पर लाखों पहरे थे,,,
कुछ टुकड़े आपकी यादों के,
बड़ी देर से दिल में ठहरे थे,,,
कल यादें उलझी गहरी थी,
और आज तक न ये सुलझी थी,,,
कल याद बहुत तुम आए थे,
कल याद बहुत तुम आए थे...#D