वक्त भी अजीब है
जब वक्त के साथ रहना चाहते है
तो वो साथ नहीं देता और
जब हम पीछे रह जाते हैं तो Bindu
वो उतनी ही तेजी से आगे बढ़ता रहता है
कभी-कभी बेवक्त रहना चाहते हैं
क्योंकि वक्त के साथ रहकर भी कहां कुछ पाया जाता है
न जाने वक्त की मेरे साथ क्यो नहीं बनती है
मैं वक्त को वक्त नहीं दे पा रही या
वक्त मुझे बेवक्त किये जा रहा है...