समय ने मुझसे पूछा ,"मुझे पहिचानते हो क्या?"
मैंने प्रश्न अनसुना कर दिया।
समय ने फिर पूछा ,"मुझे पहिचानते हो क्या?"
मैंने कहा," नहीं।"
वर्षों बाद समय ने फिर पूछा ,"मुझे पहिचानते हो क्या?"
मैंने कहा,"हाँ।"
समय ने मुझे देखा और मुस्करा कर आगे बढ़ गया।
**महेश रौतेला