दोनों की परवरिश मैं ये भेद भाब क्यों ?
बेटा कुल का प्रदीप, बेटी बोझ क्यों
एक के लिए खुला आसमान
दूसरे के लिए घुटन की क़ैद क्यों ??
एक के लिए शिक्षा का भर पुर साधन
दूसरे के नसीब मैं चूलहा चौका क्यों?
एक तुम्हारे लिए सुनहरा भबिष्य
दूसरा चिंता का बिषय क्यों
एक की गलतियां बचपना, नादानी
दूसरे की गलतियां अपराध क्यों
जब दोनों ही तुम्हारे ही अंश हैं
तो दोनों के लिए अलग अलग नियम क्यों
बेटा के पैदा होने पर मिठाई, खुशि
बेटी के जन्म लेते ही शोक, मातम क्यों.