चाहती थी घूमना मैं भी
तेरे साथ अनजाने शहर में
नापना चाहती थी तेरे साथ
समंदर और आकाश
चाहती थी मचल जाना
आइसक्रीम या चॉकलेट जैसी
बचकानी जिद के लिए
चाहती थी तोड़ना
तेरे इश्क़ में लापरवाह
कुछ मर्यादाए
एक निर्लज स्त्री की तरह
चाहती थी रूठना तब तक
जब तक तू मना न ले ।
#लापरवाह