उदासीन नहीं हुँ
हाँ रोज़ तुझसे बात नहीं करती हुँ,
मुलाक़ात नहीं करती हुँ
ऐसा नहीं के तेरी परवाह नहीं करती हुँ
बस दिखाबा पसन्द नहीं करती हुँ
दिल से तेरी खुशियोँ की दुआ करती हुँ
तेरा अच्छा सोचती हुँ,
तेरे सारे गम को अपना ना चाहती हुँ
बस तुझसे यह राज़ छुपाना चाहती हुँ
गैर ज़िम्मेदार बिलकुल भी नहीं हुँ अपने प्यार के प्रति
वक़्त आने दे मैं इसका सबूत देती हुँ.