#ज़िंदा
हम ज़िंदा रहते हैं दुश्मनों के ज़हन मैं
और दोस्तों के दिल मैं.
किसी के दिल मैं धड़कन बन कर..
किसी के रगो मैं लहू बन कर
किसी की उम्मीद बन कर
किसी की ख्वाइश बन कर
. किसी की चाहत बन कर
किसी की नफरत बन कर
किसी की बिस्वास बन कर
हम ज़िंदा रहते हैं कभी दूसरों के लिए
कभी खुद के लिए.