#हायहायसेhygiene
चार दिन बाकी थे
क्या पता क्यूँ आज हो गया?
साफ सुथरा कपड़ा,
मेरा लाल हो गया।
यूँ तो कोई दिक्कत नहि,
थोड़ा इधर उधर होने में।
घर पर रखी पूजा थी,
उस पर यह बवाल हो गया।
यूँ तो कहते रहते है
दाग़ अच्छे है, लग जाए तो!
दिखा जो दाग़ छोटा, हाथ
का मुँह पर रुमाल हो गया।
वैसे कहते है, देवी
हो तुम दुनिया की!
मैली हो गई, जो खून का
थोड़ा निकाल हो गया।
और कभी बंध हुआ तो,
पेड़े बटते है महोल्ले में!
बहू का जीवन कुछ दिन,
मालामाल हो गया!!
मुझे फिर भी पसंद है,
मेरा लड़की होना!
मेरी ऊर्जा से, विश्व में
कमाल हो गया ...
© लीना प्रतीश