बदल दे समय का जो रुख़ , बदल दे नदी की धारा
जो रचता है नया इतिहास , बदले संसार ये सारा
ये तरुणाई की ताक़त है , करे संभव असंभव को
रुकावट खुद बनाए राह , हरे ये हर पराभव को
सृष्टि के आदि से अब तक , बड़ी महिमा युवाओं की
हुए बदलाव हर युग में , अमर गाथा युवाओं की
भारत हों राम हों या कृष्ण , चन्द्रगुप्त या विवेकानंद
भगत सिंह हों या बिस्मिल हों , आज़ाद हो या सुभाषचंद्र
रखा अक्षुण सीमाओं को , बढ़ाया मान अपना भी
रखी है लाज़ मर्यादा की , किया बलिदान अपना भी
कैसे जीतें हैं जीवन में , कैसे प्राण अर्पित किया जाता
बुराई मिटे जीवन से , गुलामी से जीता कैसे जाता
सिखाया पाठ जीवन का , हम सबको इन युवाओं ने
ये दुनिया है युवाओं की , गुनगुनाया इन हवाओं ने
#युवा