मन से हताश इंसान की मनोदशा समझता है क्या कोई ?नही, उस इंसान को हर कोई सिर्फ चु समझतें है सब कदम कदम पर उसको उसके हालातों के करण ज़लील किया जाता है...वो गलत नही होकर भी किसी न किसी गलती की सज़ा भोगता रहता है...और अंत में वो खुद से नफ़रत करने लगता है और सब से दूरी बनाने लगता हैं