💐💐अखंड भारत 💐💐
भविष्य में खंडित भारत भी
अखंड बन जायेगा
छूटे हुए लाल भारत माँ के
उसकी बांहों में समा जाएंगे
सीमायें भारत की
अफगानिस्तान तक जाएंगी
गिलगित की वादियों में फिर से
हर हर महादेव गूंजेगा
मान सरोवर की यात्रा में
फिर कोई हमें न रोकेगा
ननकाना साहिब में हम सब
मिलकर मत्था टेकेंगे
हिंगलाज माता को भी
चुनर लाल चढ़ाएंगे
मिले शक्ति आल्हा के जैसी
ऐसी भक्ति कर जाएंगे
होगा एकजुट फिर भारत
मिलकर वन्देमातरम गायेंगे
योग और आयुर्वेद से
तन मन स्वस्थ बनाएंगे
वेदों की ऋचाओं से
सकल भारती गूंजेगी
रावलपिंडी के काठमांडू तक
एक ही बोली बोलेगी
पूरब से पश्चिम तक
बस एक ही नारा बोलेगा
जय श्री राम को सुनकर
सारा भारत डोलेगा
होगी अमन शांति ऐसी
फिर कोई कहीं बम न फोड़ेगा
सकल राष्ट्र फिर एकसूत्र में
जन गण मन बोलेगा
खण्ड खण्ड मानवता को हम
एक नया पाठ पढ़ायेंगे
फिर बनेंगे हम विश्व गुरु
राह संसार को दिखाएंगे।।।।