दिनांक 15 06 2020
गलवान शहीदों को नमन
नमन शत नमन प्रिय शहीदों तुम्हें
अश्रु नयनों मे सबके छलकने लगे
है दुखित हो हृदय देश देता विदा
जिसकी रक्षा में रत तुम रहे सर्वदा
शोक संतप्त पूरा ही परिवार है
उसकी यादों मे ही अब रहोगे सदा
जिस तिरंगे को फहरा दिया मान है
उस तिरंगे मे ही तुम लिपटने लगे
नमन शत नमन प्रिय शहीदों तुम्हें
अश्रु नयनों में सबके छलकने लगे
घर से जाने लगे वस्त्र सैनिक पहन
आरती ले बहन,माँ, प्रिया आ गई
भाल चंदन लगा कर विदा दे दिया
बेटे संग बेटी है गोद में आ गई
भइया पापा बढ़े बाँह में भर लिए
गांव परिवार के सब ही मिलने लगे
नमन शत नमन प्रिय शहीदों तुम्हें
अश्रु नयनों मे सबके छलकने लगे
देश रक्षा भरी भावना ले हृदय
कर्म कर्तव्य पथ पर चले तुम गए
पर चीन कीलें चुभे दण्ड पत्थर लिए
रात की अंध में आक्रमण कर दिए
गलवान घाटी शहीद बीस सैनिक किए
उनके पैंतालीस मरे फिर वे भगने लगे
नमन शत नमन प्रिय शहीदों तुम्हें
अश्रु नयनों मे सबके छलकने लगे।।
चीन की छल कपट भरी नीति से
पूरे जग में है निन्दा की ज्वाला जली
सामान चीनी बहिष्कृत सभी हम करें
गूंज गूंजी शहर गांव से हर गली
चीन तेरे कुचक्रों का बीता समय
हर दिलों से यही स्वर निकलने लगे
नमन शत नमन प्रिय शहीदों तुम्हें
अश्रु नयनों मे सबके छलकने लगे