वो हवा
वो हवा भी प्यारी है, जो छू के तुम्हे आती है
पर दर्द होता है जब वो मुझे छू कर, चली जाती है ।
प्यार तो बस हो जाता है, उसे करता कहां है कोई ;
यादों के सहारे जिवन बिताते है अब, जो बडे प्रेम से है संजोयी ।
फना हो गये हम तुम्हारे प्यार में, जिवन कर दिया तुम्हारे नाम;
और अब तुम्हारे इश्क़ में हो गये अपनी मर्जीसे बदनाम ।
Armin Dutia Motashaw