#अद्वितीय हो तुम, मुझे सिर्फ तुम ओर तुम ही चाहिए,
पर ऐसा बोलने के लिए भी, कोई तो... चाहिए ना...
ख्वाहिशें मेरी सब, अब, सपना बन गई लगती है,
कोई अब सामने देखता है, तो लगता है, क़यामत है!!
थोड़ा सा हंस के पी लेता हूं, थोड़ा सा, रो...के पी लेता हूं,
अब, शराब ओर गम, दोनों... जम के पी लेता हूं...
अब तो तुम, सपनों में भी नहीं आती, वज़ह ज़रूर होगी कोई....
यूं बेवजह तो, कोई पीता नहीं, पसंद नहीं है,पर दवाई बन गई है ये दर्द की!!
✍️ अलय
💕ALAYSWORK@YAHOO.COM💕
दिनांक १९ जून २०२०
#अद्वितीय